जयपुर में भूकंप के डर से सुबह 4:00 बजे घरों से बाहर निकले लोग: लगातार एक के बाद एक 16 मिनट में 3 तेज झटकों से हिला शहर

Bhukamp Jaipur Today: आज सुबह  करीब  4:09 पर  जयपुर  समेत राजस्थान के कई शहरों में  एक के बाद एक तीन भूकंप के झटके  महसूस किए गए  भूकंप के कंपन के कारण  लोगों को विस्फोट जैसी आवाज भी सुनाई दी स्थानीय लोगों के मुताबिक  उन्होंने भूकंप के झटकों को तीन बार महसूस किया है और भूकंप के डर के मारे  सुबह 4:00 बजे ही  लोग अपने घरों को छोड़ बाहर गलियों में आ गए ।

हालांकि भूकंप के झटकों को  जयपुर सहित कई इलाकों में महसूस किया गया है  नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलोजी के मुताबिक आज जयपुर शहर में  16 मिनट के अंदर  तीन भूकंप के झटके आए हैं  जिसमें पहला भूकंप का झटका  4:09 पर आया था,  तथा इसकी रिक्टर स्केल पर  तीव्रता 4.4 थी। दूसरा झटका  4:22 पर आया  इसकी तीव्रता  3.1  थी वही तीसरा और आखिरी झटका  4:25 पर आया  इसकी रिक्टर स्केल पर  तीव्रता  3.4 थी और भूकंप का मुख्य केंद्र जयपुर मे सीकर जिले के खाटूश्याम जी रहा वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अभी भूकंप से किसी भी तरह की कोई भी नुकसान कि कोई भी खबर  सामने नहीं आई है।

भूकंप के डर से  लोग घरों को छोड़  पार्क में जा बैठे 

सुबह 4:00 मिनट पर आए  एक के बाद एक 3 भूकंप  के झटको के कारण  लोग डर कर  अपने घरों को छोड़ आसपास मौजूद पार्क व खुले मैदानों में जाकर बैठ गए ।

भूकंप की आवाज से  लोगों में  मची  दहशत Bhukamp Jaipur Today

आज जयपुर शहर में  सुबह भूकंप की आवाज  ने  लोगों में दहशत से मचा दी है  तथा कई लोगों का कहना है कि  उन्होंने बिल्डिंग की  हिलने की आवाज  आई  जिसके कारण  सब लोग  सहम से गए ऐसा लगा कि  कोई जहाज  गिर रहा है  साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि  आज से पहले उन्होंने  भूकंप के तेज झटके  कभी नहीं देखे थे

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी का ट्वीट…

देखें भूकंप के बाद की वीडियो व तस्वीरें …

 

Earthquake
जयपुर सहित आसपास के कस्बों में भी झटके महसूस किए गए हैं।

 

Vidhyadhar Nagar Bhukamp
विद्याधर नगर इलाके में भी तेज झटके महसूस होने के बाद लोग घर से बाहर भागे।

 

Triveni Nagar Bhukamp
त्रिवेणी नगर और मानसरोवर में भी लोग दहशत में रहे।

 

Barkat Nagar bhukamp Jaipur
जयपुर के बरकत नगर में लोग घर से बाहर पार्क में जा बैठे।

आखिर भूकंप क्यों आता है? Bhukamp Kyu Aata Hai?

Earthquake in Jaipur

भूकंप आने का मुख्य कारण  धरती के अंदर स्थित सात प्लेट्स है जो कि चलाएमान रहती है और जब यह प्लेट आपस में टकराती है तो उत्पन्न हुई ऊर्जा बाहर निकलने की कोशिश करती है जिसके कारण हलचल और धरती में एक कंपन उत्पन्न होता है जिसे भूकंप कहते हैं और जहां प्लेटटकराती है उसे फॉल्ट जॉन कहते हैं और यह जितना केंद्र सतह से नजदीक होता है उतनी ही भूकंप की तीव्रता अधिक हो जाती है हालांकि इसका क्षेत्रफल धीरे धीरे कम हो जाता है 

एनाटोलियन टेक्टोनिक प्लेट एंटी क्लॉक वाइज घूमती है तथा अरेबियन प्लेट भी इसे धक्का देती है और इस प्लेट का  यूरेशियन प्लेट से भिड़ंत होने के बाद ही भूकंप के झटके लगते हैं दरअसल एनाटोलियन टेक्टोनिक प्लेट चलती हुई प्लेट है  यह यूरेशियन प्लेट से टूटकर ही अलग हुई थी और इन दोनों के भिड़ंत के कारण ही भूकंप उत्पन्न होता है 

रिक्टर स्केल क्या होता है ? 

अमेरिका के भू वैज्ञानिकों ने भूकंप की वजह से उठने वाली तरंगों की वेग को मापने के लिए एक उपकरण का निर्माण किया तथा उस उपकरण को उन्हीं के नाम से जाना जाता है जिसे हम रिक्टर स्केल कहते हैं इस उपकरण की सहायता से हम भूकंप से उत्पन्न होने वाली तरंगों  के आंकड़ों  को माप  सकते हैं और इस स्केल पर पैमाना एक से 10 तक के अंकों के आधार पर भूकंप के वेग को नापा जाता है  इस  इस स्केल में  न्यूनतम वेग 1 होता है और अधिकतम वेग 10 होता है

 जाने रिक्टर स्केल पर किस तीव्रता पर होती है कितनी तबाही?

  • अगर भूकंप की तीव्रता  0 से 1.9  होती है तो  इस भूकंप का एहसास  तक नहीं होता है  यह भूकंप केवल  रिक्टर स्केल पर ही मापा जा सकता है 
  • यदि भूकंप की तीव्रता 2 से 2.9 होती है तो इस भूकंप में हल्का सा कंपन होता है और इससे महसूस भी किया जा सकता है 
  • भूकंप की तीव्रता 3 से 3.9  होने पर हल्का सा झटका लगता है और इसे इंसान महसूस व हल्का देख सकता है 
  • 4 से 4.9  तीव्रता वाले भूकंप में  खिड़कियां टूटने  जैसी स्थिति  हो जाती है 
  • 5 से 5.9  तीव्रता वाले भूकंप आने पर सामान और पंखा हिलने की संभावनाएं होती हैं  और यह भूकंप का झटका  इंसान बड़ी आसानी से महसूस कर सकता है 
  • 6  से 6.9 तीव्रता वाले भूकंप मैं ऊपरी मंजिला इमारत को या कमजोर मकान को नुकसान हो सकता है  और साथ ही नींव में दरार आ सकती है  
  • 7  से 7.9   तीव्रता वाले भूकंप  विनाशकारी  होता है  तथा इस भूकंप में  इमारतें भी गिर  जाती हैं 
  •  8 से 8.9  की तीव्रता वाले भूकंप  प्रलयकारी और बड़े पैमाने पर नुकसान होने का खतरा रहता है 
  • 9 से 9.9  तीव्रता वाले भूकंप  पृथ्वी के बड़े हिस्से के नाश के बराबर होता है  और इस  भूकंप में  सीधे खड़े होने पर भी  पृथ्वी हिलती हुई नजर आएगी  

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