Khatu Shyam Name | Shyam Baba Ke 11 Prasidh Naam | खाटू श्याम बाबा के 11 प्रसिद्ध नाम

By | May 21, 2024
Khatu Shyam Name

Khatu Shyam Name: खाटू श्याम, जितने लोग अलग नाम से बुलाते हैं जैसे बर्बरीक, बाबा श्याम, शीश का दानी, तीन बाण धारी तथा अन्य अलग-अलग नामों से यह जाने जाते हैं (खाटू श्याम जी के 11 नाम) और हिंदू धर्म में  खाटू श्याम एक बहुत ही पूजनीय देवता हैं खाटू श्याम की कथा महाभारत से जुड़ी हुई है जान एक बहादुर योद्धा बर्बरीक ने अपने एक महत्वपूर्ण भूमिका  महाभारत मैं निभाई थी और आज के इस लेख में हम खाटू श्याम के 11 नामों और उनके पीछे के कारणों का पता लगाएंगे खाटू श्याम के 11 नामों को जानने के लिए इस लेख में अंत तक बने रहें! – khatu shyam name – खाटू श्याम जी के 11 नाम

देखिये तो आपके लिए क्या आवश्यक हैं ?

Khatu Shyam Name | खाटू श्याम बाबा के 11 नाम

Khatu Shyam Name

khatu shyam name: वैसे खाटू श्याम को  उनके भक्त  अलग-अलग नामों से पुकारते हैं  पर जो  11 सबसे प्रसिद्ध नाम है  और उनके पीछे की कहानी क्या है  आज इस लेख में जानेंगे  तो चलिए शुरू करते हैं… – खाटू श्याम के 11 नाम

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Khatu Shyam Name: खाटू श्याम बाबा के 11 नाम – यदि आप  खाटू श्याम बाबा के बारे में  अधिक जानने के इच्छुक हैं तो  हमने नीचे सारणी में  खाटू श्याम बाबा के बारे में  कुछ पोस्ट मेंशन की है  जिसमें आप  खाटू श्याम बाबा  का इतिहास,  खाटू श्याम बाबा  का नाम (khatu shyam name style), खाटू श्याम मंदिर जाने का रास्ता,  खाटू श्याम जी आरती  को पढ़ सकते हैं – khatu shyam name list (खाटू श्याम बाबा के 11 नाम)

खाटू श्याम कब जाना चाहिए

Khatu Shyam Name List – Baba Shyam ke 11 Naam

बर्बरीक | Barbarik  – khatu shyam name in hindi

खाटू श्याम का पहले नाम बर्बरीक था जो कि उनकी माता और पिता द्वारा दिया गया था  बर्बरीक की माता का नाम  अहिलावती और पिता का नाम घटोत्कच था घटोत्कच  अधिक शक्तिशाली  गदाधारी भीम के पुत्र थे  और माता मौर्वी  नागकन्या की पुत्री थी   

मौर्वी नंदन | Morvi Nandan – खाटू श्याम के नाम

बर्बरीक माता मोरवी के पुत्र हैं इसलिए इन्हें  मोरवी नंदन भी कहा जाता है  और खाटू श्याम मेले के दौरान  मौर्वी  नंदन के जयकारे भी खूब लगाए जाते हैं

तीन बाण धारी | Teen Baan Dhari – khatu shyam name

बर्बरीक भी  अपने दादा और पिता की तरह बहुत ही महान योद्धा थे  बर्बरीक ने  श्री कृष्ण के कहने पर  मां दुर्गा की तपस्या कर  मां दुर्गा से  तीन बाण प्राप्त किए थे  जिससे वे संपूर्ण ब्रहमांड को जीत सकते थे  इसलिए  श्याम बाबा को  तीन बाण धारी भी कहा जाता है  उनके जैसा धनुर्धर इस पूरे ब्रह्मांड में ना तो था , ना तो है, और ना ही कभी होगा 

शीश के दानी | Seesh Ke Daani – khatu shyam name in hindi

जब बर्बरीक ने  महाभारत  युद्ध की बात सुनी तो  उन्होंने भी   इस युद्ध में  हिस्सा लेने की ठानी  और  अपनी माता मोदी के पास  उनका  आशीर्वाद लेने पहुंचे तो  उनकी माता मोरवी ने  उनसे वचन मांगा  कि वह  इस  युद्ध में  हारे हुए पक्ष का साथ देंगे  लेकिन भगवान श्री कृष्ण को  यह कहां मंजूर था  क्योंकि वह  पहले से ही सब कुछ जानते  कि इस युद्ध में    कौरवों की हार  निश्चित है  और यदि  बर्बरीक कौरवों की तरफ से लड़ेंगे तो  शायद अंजाम कुछ और ही होगा  इसलिए उन्होंने  एक ब्राह्मण का वेश धारण करके बर्बरीक के सामने प्रकट हुए  और उनसे  दान में उनका  शीश मांग लिया और फिर  बर्बरीक ने  अपना शीश  उन्हें दान कर दिया  इस कारण वश  बाबा शाम को  शीश का दानी भी कहा जाता है

लखदातार | Lakdataar – khatu shyam name in hindi

भगवान श्याम को  लखदातार की कहां जाता है  क्योंकि  श्याम बाबा की महिमा  बहुत निराली है  ऐसा माना जाता है कि  जिस व्यक्ति पर श्याम बाबा की कृपा होती है वह व्यक्ति हर तरह से संपन्न हो जाता है और श्याम बाबा की कृपा के कारण लाखों भक्तों में  जहां सामान्य व्यक्ति भी धनवान बन जाता है इसी कारण से  श्याम बाबा को लगातार के नाम से  पुकारा जाता है  और श्याम जी के मेले में  पश्चिम बंगाल,  आसाम,  महाराष्ट्र,  पंजाब,  गुजरात,  आदि जगहों से  लाखों की संख्या में बस दर्शन करने के लिए आते हैं

कलियुग के अव​तारी | Kalyug Ke Avtari – खाटू श्याम जी के  नाम

महाभारत युद्ध के दौरान  भगवान श्री कृष्ण ने  उन्हें अपना नाम  दिया  और साथ ही यह वरदान भी दिया कि  वह  आने वाले कलयुग में पूजे जाएंगे  इसलिए उन्हें  कलयुग के अवतारी भी कहा जाता है  और अभी  इस संसार में कलयुग ही चल रहा है  तो ऐसे में  बाबा श्याम  अपने भक्तों के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है  जहां हर दिन  लाखों की संख्या में उनके भक्त  अपनी मुरादे  उनके पास लेकर आते हैं  और उनका ऐसा मानना है कि  भगवान खाटू श्याम उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे! (खाटू श्याम जी के 11 नाम)

 नीले घोड़े का  सवार | Nile Ghode Ka Sawar – baba shyam ke naam

भगवान शाम को  नीले घोड़े का सवार भी कहा जाता है  क्योंकि  बरबरी के पास  जो घोड़ा था  वह नीले रंग का था  इसलिए उन्हें  नीले घोड़े रा असवार भी कहा जाता है   और कई भक्तों को  लीले का अश्वार भी कहते हैं  क्योंकि  स्थानीय भाषा  में  नीले को लीला भी कहा जाता है  इसलिए उन्हें  नीले घोड़े का  सवार  या लीले का अश्वार  भी कहते हैं

श्रीश्याम | Shree Shyam – खाटू श्याम के नाम

जब ब्राह्मण रूपी श्री कृष्ण ने  बर्बरीक  से दान में शीश मांगा तो  बर्बरीक समझ गए  कि कोई  सामान्य ब्राह्मण नहीं है  क्योंकि ब्राह्मण कभी भी  दान में शीश नहीं मांगते  और फिर बर्बरीक ने उनसे  अपने वास्तविक रूप में आने के लिए विनती की तब भगवान श्रीकृष्ण ने  अपना वास्तविक रूप में दिखाया  और उनसे कहा कि  इस महाभारत युद्ध को प्रारंभ होने से पूर्व  इस भूमि पूजन के लिए  उन तीनों लोकों में सर्वश्रेष्ठ  क्षत्रिय के शीश की आहुति देनी होगी इस कथन को सुनकर  बर्बरीक अपना शीश देने को  तैयार हो गए  लेकिन उन्होंने एक शर्त रखी  कि वह इस पूरे महाभारत की युद्ध को  अपनी आंखों से देखना चाहते हैं  और भगवान श्री  कृष्ण ने इस कथन को  मान लिया  और पास ही रखिए ऊंची  पहाड़ी पर  उनका  शीश रख दिया  जहां से  वह पूरा महाभारत  युद्ध  देख सके भगवान श्री कृष्ण  बर्बरीक से प्रसन्न होकर  उन्हें सर्वश्रेष्ठ वीर की उपाधि दी और साथ ही  उन्हें अपना नाम  श्याम  भी दिया  इस कारण से  बाबा श्याम को  श्री श्याम के नाम से भी जाना जाता है

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हारे का सहारा | Haare Ka Saahara – khatu shyam name

जब व्यक्ति  अपनी लाइफ में  हर जगह से ठोकर खाने के  हताश और निराश हो जाता है  और बाबा श्याम की भक्ति में लीन हो जाता है  तो उसके सारे दुख और पाप  खुद नष्ट हो जाते हैं  और उनके ऊपर  बाबा श्याम की कृपा बरसती है   इसलिए बाबा शाम को  हारे का सहारा भी कहा जाता है  और एक मान्यता यह भी है कि  महाभारत युद्ध में  जब बर्बरीक  अपनी माता से युद्ध के लिए आशीर्वाद मांगने गए थे  तब उनकी माता ने उनसे  हारे हुए  पक्ष का साथ देने के लिए कहा था  इसलिए भी  बाबा श्याम  हारे के सहारा नाम से भी जाने जाते हैं

खाटू नरेश | Khatu Naresh – खाटू श्याम के नाम

बाबा श्याम को खाटू नरेश के नाम से भी जाना जाता है  क्योंकि वह राजस्थान  में  सीकर जिले के  खाटू नगर में विराजमान है  और  भगवान श्रीकृष्ण से उन्हें  श्याम नाम की उपाधि मिली हुई है  इसी कारण से उन्हें  खाटू श्याम या  खाटू नरेश के नाम से भी जानते हैं

मोरछड़ी धारक | Morchadi Dharak – baba shyam ke  naam

बाबा श्याम को  भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद मिला हुआ है  और भगवान श्री कृष्ण की प्रिय वस्तु  मोर पंख और बांसुरी है  बाबा श्याम को  मोरछड़ी रखने के कारण  उन्हें मोरछड़ी धारक भी कहा जाता है

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खाटू श्याम के 108 नाम – khatu shyam name in hindi

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1. अचला: भगवान
2. अच्युत: अचूक प्रभु, या जिसने कभी भूल ना की हो
3. अद्भुतह: अद्भुत प्रभु
4. आदिदेव: देवताओं के स्वामी
5. अनया: जिनका कोई स्वामी न हो
6. अजंमा: जिनकी शक्ति असीम और अनंत हो
7. अजया: जीवन और मृत्यु के विजेता
8. अक्षरा: अविनाशी प्रभु
9. अम्रुत: अमृत जैसा स्वरूप वाले
10. अनादिह: सर्वप्रथम हैं जो
11. आनंद सागर: कृपा करने वाले
12. अनंता: अंतहीन देव
13. अनंतजित: हमेशा विजयी होने वाले
14.अदित्या: देवी अदिति के पुत्र
15. अनिरुध्दा: जिनका अवरोध न किया जा सके
16. अपराजीत: जिन्हें हराया न जा सके
17. अव्युक्ता: माणभ की तरह स्पष्ट
18. बालगोपाल: भगवान कृष्ण का बाल रूप
19. बलि: सर्व शक्तिमान
20. चतुर्भुज: चार भुजाओं वाले प्रभु
21. दानवेंद्रो: वरदान देने वाले
22. दयालु: करुणा के भंडार
23. दयानिधि: सब पर दया करने वाले
24. देवाधिदेव: देवों के देव
25. देवकीनंदन: देवकी के लाल (पुत्र)
26. देवेश: ईश्वरों के भी ईश्वर
27. धर्माध्यक्ष: धर्म के स्वामी
28. द्वारकाधीश: द्वारका के अधिपति
29. ऋषिकेश: सभी इंद्रियों के दाता
30. गोपालप्रिया: ग्वालों के प्रिय
31. गोविंदा: गाय, प्रकृति, भूमि को चाहने वाले
32. ज्ञानेश्वर: ज्ञान के भगवान
33. हरि: प्रकृति के देवता
34. हिरंयगर्भा: सबसे शक्तिशाली प्रजापति
35.गोपाल: ग्वालों के साथ खेलने वाले
36. जगद्गुरु: ब्रह्मांड के गुरु
37. जगदिशा: सभी के रक्षक
38. जगन्नाथ: ब्रह्मांड के ईश्वर
39. जनार्धना: सभी को वरदान देने वाले
40. कृष्ण: सांवले रंग वाले
41. ज्योतिरादित्या: जिनमें सूर्य की चमक है
42. कमलनाथ: देवी लक्ष्मी की प्रभु
43. कमलनयन: जिनके कमल के समान नेत्र हैं
44. कामसांतक: कंस का वध करने वाले
45. कंजलोचन: जिनके कमल के समान नेत्र हैं
46. केशव: घने काले बालों वाले
47.जयंतह: सभी दुश्मनों को पराजित करने वाले
48. लक्ष्मीकांत: देवी लक्ष्मी की प्रभु
49. लोकाध्यक्ष: तीनों लोक के स्वामी
50. मदन: प्रेम के प्रतीक
51. माधव: ज्ञान के भंडार
52. मधुसूदन: मधु- दानवों का वध करने वाले
53. महेंद्र: इन्द्र के स्वामी
54. नंद्गोपाल: नंद बाबा के पुत्र
55. मनोहर: बहुत ही सुंदर रूप रंग वाले प्रभु
56. मयूर: मुकुट पर मोर- पंख धारण करने वाले भगवान
57. मोहन: सभी को आकर्षित करने वाले
58. मुरली: बांसुरी बजाने वाले प्रभु
59. मुरलीधर: मुरली धारण करने वाले
60. मुरलीमनोहर: मुरली बजाकर मोहने वाले
61. मनमोहन: सबका मन मोह लेने वाले
62. नारायन: सबको शरण में लेने वाले
60. निरंजन: सर्वोत्तम
64. निर्गुण: जिनमें कोई अवगुण नहीं
65. पद्महस्ता: जिनके कमल की तरह हाथ हैं
66. पद्मनाभ: जिनकी कमल के आकार की नाभि हो
67. परब्रह्मन: परम सत्य
68. रविलोचन: सूर्य जिनका नेत्र है
69. परमपुरुष: श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले
70. पार्थसार्थी: अर्जुन के सारथी
71. प्रजापती: सभी प्राणियों के नाथ
72. पुंण्य: निर्मल व्यक्तित्व
73. पुर्शोत्तम: उत्तम पुरुष
74.परमात्मा: सभी प्राणियों के प्रभु
75. सहस्राकाश: हजार आंख वाले प्रभु
76. सहस्रजित: हजारों को जीतने वाले
77. सहस्रपात: जिनके हजारों पैर हों
78.साक्षी: समस्त देवों के गवाह
79. सनातन: जिनका कभी अंत न हो
80. सर्वजन: सब- कुछ जानने वाले
81. सर्वपालक: सभी का पालन करने वाले
82. सर्वेश्वर: समस्त देवों से ऊंचे
83. सत्यवचन: सत्य कहने वाले
84. सत्यव्त: श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले देव
85. शंतह: शांत भाव वाले
86. सुमेध: सर्वज्ञानी
87. श्रीकांत: अद्भुत सौंदर्य के स्वामी
88. श्याम: जिनका रंग सांवला हो
89. श्यामसुंदर: सांवले रंग में भी सुंदर दिखने वाले
90. सुदर्शन: रूपवान
91. श्रेष्ट: महान
92. सुरेशम: सभी जीव- जंतुओं के देव
93. स्वर्गपति: स्वर्ग के राजा
94. त्रिविक्रमा: तीनों लोकों के विजेता
95. उपेंद्र: इन्द्र के भाई
96. वैकुंठनाथ: स्वर्ग के रहने वाले
97. वर्धमानह: जिनका कोई आकार न हो
98. योगि: प्रमुख गुरु
99. विष्णु: भगवान विष्णु के स्वरूप
100. विश्वदक्शिनह: निपुण और कुशल
101. विश्वकर्मा: ब्रह्मांड के निर्माता
102. विश्वमूर्ति: पूरे ब्रह्मांड का रूप
103. विश्वरुपा: ब्रह्मांड- हित के लिए रूप धारण करने वाले
104. विश्वात्मा: ब्रह्मांड की आत्मा
105. वृषपर्व: धर्म के भगवान
106. यदवेंद्रा: यादव वंश के मुखिया
107. वासुदेव: सभी जगह विद्यमान रहने वाले
108. योगिनाम्पति: योगियों के स्वामी

Khatu Shyam Name | Shyam Baba Ke 11 Prasidh Naam

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खाटू श्याम के 11 नाम: वैसे तो मुझे  खाटू श्याम के नामों में से  हारे के सहारे नाम  अत्यधिक पसंद है  और आप बाबा श्याम को  किस नाम से पुकारते हैं (baba shyam ke 11 naam) कृपया कमेंट में हमें बताएं  और यदि  यह लेख आपको अच्छा लगा हो तो  कृपया इसे  अपने दोस्तों,  फैमिली के साथ  शेयर करें  और यदि आप कोई सुझाव देना चाहते हैं तो  कमेंट बॉक्स में आप हमें  सुझाव दे सकते हैं  जिससे हम अपने आने वाली पोस्ट में  जरूर अपनाएंगे  आपका कीमती समय  इस पोस्ट पर देने के लिए  धन्यवाद  और ऐसे ही  कुछ नया जानने के लिए  आप हमारी वेबसाइट gyandoor.in  को विजिट करते रहे  हम आपके लिए  हर दिन  कुछ ज्ञानवर्धक लेख लेकर आएंगे – खाटू श्याम के 11 नाम

FAQs: खाटू श्याम के 11 नाम | Shyam Baba Ke 11 Prasidh Naam

Q. खाटू श्याम जी का सही नाम क्या है?

श्री खाटू श्याम जी का बचपन में नाम बर्बरीक था

खाटू श्याम बाबा के 11 प्रसिद्ध नाम – Shyam Baba Ke 11 Prasidh Naam

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